बसपा को मुस्लिम वोट चाहिए खोजा नया रास्ता

afzal siddqi

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश के मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए नया दांव खेला है। बीते रविवार को कांशीराम की पुण्य तिथि पर लखनऊ में हुई रैली में मायावती ने मुस्लिम वोटों का जिक्र किया था, तबसे ये कयास लगाये जा रहे थे कि बसपा चुनाव में कोई नया मुस्लिम चेहरा उतार सकती है।

दरअसल मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटरों को रिझाने के लिए नसीमुद्दीन के बेटे अफजल सिद्दकी (27) को चुनाव अभियान में उतारा है। अफजल सिद्दीकी को पश्चिमी यूपी के मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा के डिवीजन का इंचार्ज भी बनाया गया है। साथ ही क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों को लुभाने की जिम्मेदारी भी इन्ही की होगी।अफ़ज़ल को कामन सौपी गई है की किसी भी कीमत पर मुस्लिम वोट बसपा के दामन में आने चाहिए ,
अब बसपा की मुस्लिम वोट पर पैनी नजर
आगामी यूपी विधानसभा में बसपा मुस्लिम वोटरों को इस तरह से लुभा सकती है कि सपा इस बार चुनाव में बैकफुट पर है और उसकी सीधे टक्कर बीजेपी से होगी। इसलिए बीजेपी को हराने के लिए बसपा ही उपयुक्त पार्टी है। बीती रविवार हुई रैली में मायावती ने कहा था कि यूपी के मुस्लिम भाई-बहन सपा की असलियत देख चुके हैं। ऐसे में मेरी गुजारिश है कि वो सपा का साथ न दें। इसके साथ ही मायावती ने पश्चिमी यूपी में मुस्लिम चेहरों को भी टारगेट करना शुरू कर दिया है।
सपा ने केवल दंगे कराए
मायावती ने मुस्लिम वोटों को रिझाने के लिए अपने भाषण में मुस्लिमों को जिक्र करना शुरू कर दिया है। रविवार को हुई रैली में मायावती ने कहा था कि सपा ने अपने कार्यकाल में सिर्फ दंगे कराए हैं। सपा मुस्लिमों के लिए दंगे कराने से ज्यादा कुछ और नहीं कर सकती। मायावती ने यूपी के मुस्लिमों से गुजारिश भी की है कि वे सपा का साथ न दें।
बसपा इस चुनाव में किसी भी कीमत पर मुस्लिम वोट पाना चाहती है

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