Rajasthan: सिंडीकेट बैंक से 2800 करोड़ रुपये के घोटाले, आरोपी के 104 करोड़ की बेनामी संपत्ति जप्त

2800 rupees of scam from syndicatebank

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2800 rupees of scam from syndicatebank:नोटबंदी के दौरान काली कमाई के बाद अब राजस्थान में बेनामी संपत्ति के रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है|

राजस्थान के सिंडीकेट बैंक के 2800 करोड़ रुपये के घोटाले के एक आरोपी के 104 करोड़ की बेनामी संपत्ति सीज की गई है|

इनमें से 39 शोरूम तो जयपुर के मशहूर वर्ल्ड ट्रेड पार्क में हैं|

सिंडीकेट बैंक में 386 फर्जी खाते खोलकर उनके नाम से लोन लेकर 50 से ज्यादा

बेनामी संपत्तियों के खरीदने का खुलासा अबतक हो गया है|

जयपुर के इस मशहूर ट्रेड पार्क में दुनिया के सभी महंगी और लग्जरी ब्रांड के शोरूम मौजूद हैं|

इनमें से एक साथ 39 शोरूम अकेले सिंडिकेट बैंक के घोटाले के मास्टरमाइंड भरत बंब का है|



इन्वेस्टिगेशन टीम ने इसके 104 करोड़ की बेनामी संपत्ति का पता लगाया है, जयपुर, दिल्ली और उदयपुर के बड़े मालों में हैं|

भरत बंब उदयपुर का सीए हैं, जो बैंक के अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ मिलकर बैंक में जालसाजी का खेल खेल रहा था|

इसका खुलासा तब हुआ जब सिंडिकेट बैंक के 1118 करोड़ के रुपये का भुगतान नही हुआ|

बैंक ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि जिन 386 बैंक खातों में लोन दिए गए हैं वो सब फर्जी हैं|

वर्ल्ड ट्रेड पार्क को 78 करोड़ का इन्हीं फर्जी खातों से भुगतान किया गया था|

इसको लेकर माल मालिक से भी पूछताछ की गई है|

सीबीआई और ईडी के सूत्रों के अनुसार सैकड़ों करोड़ की बेनामी संपत्ति कोलकता और इंदौर में खरीदी गई है|

दरअसल फर्जी कागजात के अलावा बैंक अधिकारियों ने बंब के साथ मिलकर बैंक के ग्राहकों

के हीं डाक्यूमेंट इस्तेमाल कर फर्जी खाते खोले थे| इसमें रोजाना 5-6 करोड़ का लेनदेन हो रहा था|

इनमें जयपुर के उद्योगगपति शंकर खंडेलवाल समेत कई लोग शामिल थे|




इसके बाद में मामला जब 2800 करोड़ तक के गबन तक पहुंचा तो जांच सीबीआई को दी गई|

इसमें तीन बैंक अधिकारियों, तीन कारोबियों और सीए भरत बंब को गिरफ्तार किया हैं|

सीबीआई ने पुष्टि की है कि उदयपुर और जयपुर के सिंडिकेट बैंक में अबतक 400 से ज्यादा फर्जी खाते पकड़े जा चुके हैं,

और लगभग एक दर्जन लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है|

इस पूरे मामले में सिंडिकेट बैंक के दिल्ली के तत्कालीन महाप्रबंधक सतीश कुमार,

जयपुर के रिजलन महाप्रबंधक संजीव कुमार,एम आई रोड के महाप्रबंधक देशराज मीणा,

मालवीय के महाप्रबंधक आदर्श मनचंदा और उदयपुर के महाप्रबंधक अवधेश तिवारी के खिलाफ केस दर्ज था|

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