विश्व बैंक ने इंडिया का विकास अनुमान घटाया, आगे बेहतर ग्रोथ की उम्मीद

World Bank cuts India growth forecast

World Bank cuts India growth forecast

वर्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2016 -17 के लिए इंडियन की विकास दर का अनुमान कम करके 7 फीसदी कर दिया है। इससे पहले उसने 7.6 फीसदी ग्रोथ रेट का अनुमान जताया था। उसने ऐसा नोट बंदी से आर्थिक क्रियाकलापों में आई सुस्ती के कारण किया है। हालांकि बैंक (Bank) ने कहा है कि इंडियन जल्द अपनी गति पकड़ लेगा और 2017-18 और फिर 2018-19 में उसकी विकास दर क्रमश: 7.6 फीसदी और 7.8 फीसदी रह सकती है।

विश्व बैंक (Bank) ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए इंडियन की विकास दर का अनुमान कम करके 7 फीसदी कर दिया है। इससे पहले उसने 7.6 फीसदी ग्रोथ रेट का अनुमान जताया था।

उसने ऐसा नोट बंदी से आर्थिक क्रियाकलापों में आई सुस्ती के कारण किया है। हालांकि बैंक ने कहा है कि इंडियन जल्द अपनी गति पकड़ लेगा और 2017-18 और फिर 2018-19 में उसकी विकास दर क्रमश: 7.6 फीसदी और 7.8 फीसदी रह सकती है।

एनर्जी कंसलटैंसी कंपनी वुड मैकेंजी ने भी इंडियन की धुंधली आर्थिक तस्वीर पेश की है। नोट बंदी के कारण 2017 में इंडियन में ईंधन की खपत कम होने का अनुमान है।

उम्मीद के उलट नोट बंदी का सबसे अधिक इफेक्ट किसानों पर बताया जा रहा है। किसानों की फसलों से इनकम और आगामी फसल इससे बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हालांकि विश्व बैंक (Bank) ने चीन की ग्रोथ रेट के पूर्वानुमान को 2017 के लिए 6.5 फीसदी बनाए रखा है।

सस्ते क्रूड व अच्छे कृषि से मदद

विश्व बैंक (Bank) ने कहा है कि 86 फीसदी करेंसी को तुरंत प्रभाव से चलन से हटाने का गंभीर असर इंडिया अर्थव्यवस्था पर हुआ है। इससे 2016-17 की जीडीपी (GDP) ग्रोथ बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

नोटबंदी के बाद अपनी पहली रिपोर्ट में बैंक (Bank) ने हालांकि यह भी कहा है कि क्रूड ऑयल की तुलनात्मक रूप से कम कीमतों और कृषि की अच्छी स्थिति के बल पर इंडिया की ग्रोथ रेट 7 फीसदी बनी रहेगी। आने वाले वर्षों में उसकी जीडीपी 7 फीसदी से अधिक ग्रोथ रेट दर्ज करेगी। विश्व बैंक (Bank) ने कहा है कि सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न आर्थिक सुधारों से अर्थव्यवस्था को रस्ते पर आने में मदद मिलेगी।

इन्फ्रा खर्च व घरेलू मांग का असर

बैंक ने कहा है कि नोट बंदी के बावजूद भारत विकास शील देशों में सबसे अधिक ग्रोथ रेट हासिल करने वाला कंट्री बना रहेगा। उसके अनुसार, सरकार द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने का अच्छा असर कम अवधि में व्यापर सेंटिमेंट सुधारने के साथ ही निवेश आकर्षित करने पर होगा।

बैंक (Bank) के अनुसार, मोदी सरकार की फ्लैगशिप स्कीम मेक इन इंडिया से देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रॉफिट मिलेगा। घरेलू मांग बढऩे और नियामकीय सुधारों के भी अच्छे असर इंडिया अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेंगे।

चीन की विकास दर में कमी नहीं

वर्ड बैंक (Bank) ने अपने पिछले पूर्वानुमान पर कायम रहते हुए कहा है कि चीन की अर्थ व्यवस्था की विकास दर 2017 में 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद है। विश्व बैंक (Bank) ने कहा है कि प्रॉपर्टी बाजार की चिंताजनक स्थिति के बावजूद अर्थ व्यवस्था का सतत विकास जारी रहेगा, क्योंकि इसमें निर्माण से लेकर सेवाओं तक सभी क्षेत्रों में पुर्नसंतुलन हो रहा है।

चीन की अर्थ व्यवस्था का विकास दर 2017 में 6.5 प्रतिशत और 2018 में 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। विश्व बैंक (Bank) ने जून 2016 के पूर्वानुमान में भी यही कहा था।

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